कर्नाटक में भूजल गुणवत्ता का परिदृश्य - जिलेवार रिपोर्ट (2004)
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Karnataka Rural Water Supply and Sanitation Agency (KRWSSA)गांव में मौतें, प्रशासन मना रहा है महोत्सव
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अंबरीश कुमार/ जनसत्ता / 15 नवंबर 09सोनभद्र/लखनऊ, नवंबर। रिहंद बांध के जहरीले पानी से पिछले दो हफ्ते में दो दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत के बाद अब सोनभद्र में आंदोलन शुरू हो गया है। रिहंद बांध के पानी में पहले जहां बिजली घरों का फ्लाई ऐश बहाया जाता था, वहीं अब कनौड़िया केमिकल्स का जहरीला कचरा बहाया जा रहा है। रविवार को रिहंद बांध से लगे लभरी गांव में इसी जहरीले पानी के चलते तेरह साल की सुनीता ने दम तोड़ दिया। लोग परेशान हैं, गांव वाले बेहाल थे तो दूसरी तरफ समूचा प्रशासन सोन महोत्सव में जश्न मना रहा था। और तो और कलेक्टर पंधारी यादव के पास इतनी फुरसत नहीं थी कि वे जश्न छोड़ जहरीले पानी से दम तोड़ रहे बच्चों के परिवार वालों से मिल पाते।
जल प्रदूषण के खिलाफ किसानों ने कमर कसी
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दैनिक हिन्दुस्तान
जल प्रदूषणकुछ साल पहले मैंने राजस्थान के टेक्सटाइल नगर पाली के बारे में लिखा था, जिसकी मौसमी नदी बांदी का पानी औद्योगिक कचरे के कारण पूरी तरह विषैला हो गया है। प्रदूषण के कारण खेती बर्बाद हो गयी थी। किसानों ने हंगामा किया था। और पानी प्रदूषण के खिलाफ पाली के किसानों ने कमर कसी हुई है, वे सड़क से लेकर अदालत तक लड़ाई लड़ रहे हैं। तब मैंने कहा था कि असली मुद्दा प्रदूषण नहीं, बल्कि किसानों का गुस्सा है जो तरल कचरे के कारण उनकी खेती की जमीन बर्बाद हो जाने से उपजा है। इस कचरे के चलते उनके कुओं का पानी विषैला हो गया था। किसानों के संघर्ष के बाद पाली नगर मेरिहंद बना भोपाल..
रिहंदउत्तर प्रदेश का सोनभद्र जनपद! कभी देश का स्विट्जरलैंड कहा जाता था आज वहां एक और भोपाल जन्म ले चुका है, उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा पर स्थित सोनभद्र के कमारी डांड गांव में रिहंद का जहरीला पानी पीकर पिछले १० दिनों में २० जानें गई हैं, वहीं सैकडों लोगों की हालत बेहद गंभीर है, इन मौतों से घबराए हजारों आदिवासी दूसरे इलाकों में पलायन कर गए हैं। भारत के सिर, एक बार फिर जहरभरा जहाज
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पानी- पर्यावरण का नाश करता शिपब्रेकिंग उद्योगजेसिका! ना ना नहीं, दिल्ली की मशहूर मॉडल जेसिका नहीं, यह एमएस जेसिका गुजरात के अलंग समुद्र तट पर खड़े एक जहाज का नाम है जिसने 4 अगस्त 2009 की सुबह छह मजदूरों की जान ले ली लेकिन दिल्ली के किसी अखबार में इस जेसिका के कारनामे की खबर नहीं छपी.जहर के कारखाने पर जागी सरकार
कनोरिया इंडस्ट्रीजदेश में दूसरा यूनियन कार्बाइड बनते जा रहे सोनभद्र स्थित कनोरिया केमिकल इंडस्ट्रीज को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बंदी की नोटिस जारी कर दी है। 'इंडिया वाटर पोर्टल' ने लगातार इस मुद्दे के छापा, खबरों को संज्ञान में लेकर बोर्ड द्वारा की गयी जांच में कम्पनी को पर्यावरण कानूनों के उल्लंघन और अपशिष्टों के उचित निस्तारण न किया जाने का दोषी पाया गया है, नोटिस में कहा गया है कि अगर १५ दिन की के अन्दर प्रदूषण नियंत्रण के उचित उपाय नहीं किये गए तो उद्योग के विरुद्व बंदी की कार्यवाही की जायेगी।विकलांगों की बस्ती
सोनभद्र में फ्लोरोसिस का कहर१२ वर्ष का शम्भू कैमरे को देखकर पत्थर उठा लेता है, क्यूँ न उठाये वो पत्थर? सत्ता की शर्मनाक चुप्पी, प्रशासन की बदनीयती और जनप्रतिनिधियों की कफ़न खसोटी का असर कुछ तो होना था| गनीमत है कि अति नक्सल प्रभावित इस जनपद का रहने वाला अपाहिज शम्भू बन्दूक नहीं उठा रहा| सिर्फ शम्भू ही नहीं जिंदगी को घिसट-घिसट कर चलना सोनभद्र के उन हजारों, स्त्री, पुरुषों की नियति है जिन्हें फ्लोरोसिस का कहर तिल-तिल कर मार रहा है।जल प्रदूषण पर एक स्लाइड शो
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