साइप्रस करेगा पानी का आयात
Source:
tarachand-ola blogspotजलचक्र The Water Cycle
धरती पर कितना पानी उपलब्ध है?
o एक जानकारी के अनुसार धरती पर 2,94,000,000 क्यूबिक मीटर पानी उपलब्ध है, जिसमें से सिर्फ़ 3% पानी ही शुद्ध और पीने लायक है।o पृथ्वी पर पानी अधिकतर तरल अवस्था में उपलब्ध होता है, क्योंकि हमारी धरती (सौर व्यवस्था) “सोलर सिस्टम” की सीध में स्थित है, अतः यहाँ तापमान न तो इतना अधिक होता है कि पानी उबलने लगे न ही तापमान इतना कम होता है कि वह बर्फ़ में बदल जाये।
o जब पानी जमता है तब वह विस्तारित होता है यानी फैलता है, जबकि ठोस बर्फ़ तरल पानी में तैरती है।
मुक्त पानी की गतिविधि
• वातावरण में भाप के रूप में• बारिश, ओस, बर्फ़ आदि के रूप में धरती पर वापस आता है
• धरती पर बहते हुए अन्त में पुनः समुद्र में मिलता है
भारत का जल संसाधन
संपादक- मिथिलेश वामनकर/ विजय मित्रा
क्या आप सोचते हैं कि जो कुछ वर्तमान में है, ऐसा ही रहेगा या भविष्य कुछ पक्षों में अलग होने जा रहा है? कुछ निश्चितता के साथ यह कहा जा सकता है कि समाज जनांकिकीय परिवर्तन, जनसंख्या का भौगोलिक स्थानांतरण, प्रौद्योगिक उन्नति, पर्यावरणीय निम्नीकरण, और जल अभाव का साक्षी होगा। जल अभाव संभवत: इसकी बढ़ती हुई माँग, अति उपयोग तथा प्रदूषण के कारण घटती आपूर्ति के आधार पर सबसे बड़ी चुनौती है। जल एक चक्रीय संसाधन है
क्या आप सोचते हैं कि जो कुछ वर्तमान में है, ऐसा ही रहेगा या भविष्य कुछ पक्षों में अलग होने जा रहा है? कुछ निश्चितता के साथ यह कहा जा सकता है कि समाज जनांकिकीय परिवर्तन, जनसंख्या का भौगोलिक स्थानांतरण, प्रौद्योगिक उन्नति, पर्यावरणीय निम्नीकरण, और जल अभाव का साक्षी होगा। जल अभाव संभवत: इसकी बढ़ती हुई माँग, अति उपयोग तथा प्रदूषण के कारण घटती आपूर्ति के आधार पर सबसे बड़ी चुनौती है। जल एक चक्रीय संसाधन है
हवा-पानी की आजादी
हवा-पानी की आजादीआजादी की 62वीं वर्षगांठ, हर्षोल्लास के माहौल में भी मन पूरी तरह खुशी का आनन्द क्यों महसूस नहीं कर रहा है, एक खिन्नता है, लगता है जैसे कुछ अधूरा है। कहने को हम आजाद हो गए हैं, जरा खुद से पूछिए क्या आपका मन इस बात की गवाही देता है नहीं, क्यों? आजाद देश उसे कहते हैं जहां आप खुली साफ हवा में अपनी मर्जी से सांस ले सकते हैं, कुदरत के दिए हुए हर तोहफे का अपनी हद में रहकर इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन यहां तो कहानी ही उलट है। आम आदमी के लिए न पीने का पानी है न खुली साफ हवा, फिर भी हम आजाद हैं? जल संसाधन परिचय
विश्व जलसामान्य तथ्य: पृथ्वी के लगभग तीन चौथाई हिस्से पर विश्र्व के महासागरों का अधिकार है। संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों के अनुसार पृथ्वी पर जल की कुल मात्रा लगミग 1400 मिलियन घन किलोमीटर है जो कि पृथ्वी पर 3000 मीटर गहरी परत बिछा देने के लिए काफी है। तथापि जल की इस विशाल मात्रा में स्वच्छ जल का अनुपात बहुत कम है। पृथ्वी पर उपलब्ध समग्र जल में से लगभग 2.7 प्रतिशत जल स्वच्छ है जिसमें से लगभग 75.2 प्रतिशत जल ध्रुवीय क्षेत्रों में जमा रहता है और 22.6 प्रतिशत भूजल के रूप में विद्यमान है। शेष जल झीलों, नदियों, वायुमण्डल, नमी, मृदा और वनस्पति में मौजूद है। जल की जो मात्रा उपभोग और अन्य प्रयोगों के लिए वस्तुतः उपलब्ध है, वह नदियों, झीलों और भूजल में उपलब्ध म
